Wednesday, 01 April, 2020
ब्रेकिंग न्यूज़ :
नुक्सान की भरपाई के लिए अन्नदाता का खुद चौकस रहना भी जरुरी -डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहानहरटेक सोलर ने दशमेश डेंटल कालेज में लगाया 600 किलोवाट का रूफ टॉप प्लांटविधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा पंजाबी भाषा में जवाब दिये जाने का स्वागत – सुनील वशिष्टखांसी के साथ खून आए तो हो सकता है लंग कैंसरएच.आर.क्षेत्र में करीब चार हजार नए एचआर की जरूरत - सुज़ैन रयानशादी के इच्छुक लोग एक बार जरूर पढ़े, यह संदेश आपकी ज़िंदगी भी बदल सकता हैचंडीगढ़ के स्पाइनल रिहैब सेंटर के फ्लोइंग कर्मा बैंड ने पेश किया संगीतपंचकूला की बेबी मॉडल सियारा बनेगी फैशन वीक की शो स्टॉपरजब दुल्हन फेरों के बाद शबद गाने लगी और पूरण चंद बडाली ने दिया आशीर्वादसेंट जॉन हाई स्कूल चंडीगढ़ ने आयोजित की ऑल इंडिया डिबेट
चंडीगढ़ न्यूज़

खांसी के साथ खून आए तो हो सकता है लंग कैंसर

February 23, 2020 08:14 AM

चंडीगढ़ - चंडीगढ़ निवासी पूर्व क्रिकेटर अनिल वर्मा अपने बेटे की शादी में आए हुए मेहमानों के साथ व्यस्त थे, तभी अचानक उनको खांसी के साथ खून आने लगा। कुछ ही पलों में उनका पूरा हाथ खून के साथ भर गया। परिजनों ने उन्हें यहां के एक अस्पताल पहुंचाया जहां उनके फेफड़ों का इलाज किया गया। कुछ दिन ठीक रहने के बाद उन्हें दोबारा यह समस्या आई तो किसी परिचित के माध्यम से उन्होंने बैंगलुरू स्थित नारायाणा हेल्थ सिटी में पल्मोनोलोजी इंटेसिव केयर, मेडिकल निदेशक लंग ट्रांसप्लांट डाक्टर बाशा जे खान के साथ संपर्क किया। 

 

सीटीईपीएच के लक्षण

व्यक्ति की छाती में भारीपन होना

सांस लेने में तकलीफ होना

थोड़ी से मेहनत पर थकान होना

व्यायाम करने में दिक्कत आना

 

 

           जिन्होंने प्रारंभिक जांच में बताया कि अनिल वर्मा को क्रोनिक थ्रोम्बोएम्बोलिक पल्मोनरी हाइपरटेंशन (सीटीईपीएच) नामक गंभीर बिमारी है। चंडीगढ़ निवासी अनिल कुमार पूर्व क्रिकेटर रहे हैं और 80 के दशक में रणजी भी खेल चुके हैं। अनिल कुमार का सफल आप्रेशन करने वाले डाक्टर बाशा जे खान व डाक्टर जूलियस पुन्नेन ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह गंभीर बीमारी है। समय में उपचार के अभाव में यह लंग कैंसर में बदल सकती है। आश्चर्यजनक बात यह है कि मेडिकल साइंस में इस बीमारी को डाईगनोज किया जाना मुश्किल है। क्योंकि शुरू में मरीजों के रेफरल सेंटर में आने से पहले अस्थमा, टीबी आदि का इलाज किया जाता है।

 

अब तक अपनी टीम के साथ करीब सात सौ पल्मोनरी थ्रोम्बोइंडरटरएक्टोमी (पीटीई) सर्जरी कर चुके डाक्टर खान व पुन्नेन ने बताया कि सीटीईपीएच आमतौर पर गंभीर रक्त के क्लोट्स के कारण होता है। फेफड़ों में टिश्यू बनकर पल्मोनरी वेसल्स का रास्ता बंद कर देते हैं। पीटीई में इन्हीं क्लोट्स को निकालने का काम किया जाता है। उन्होंने बताया कि सीटीईपीएच डाईगनोज की तकनीक में कई तरह की आधुनिकताएं आई हैं, जो रोगियों के लिए कारगर सिद्ध हो रही हैं।

Have something to say? Post your comment
और चंडीगढ़ न्यूज़
ताजा न्यूज़
‘ज्योतिष के द्वारा व्यवसाय परामर्श करने से आप अपने जीवन में सही राह पकड़ सकते हैं’ - ज्योतिष ज्ञाता राकेश पेडीवाल दिग्दर्शक सौमित्र सिंह ने नसीरुद्दीन शाह अभिनीत फिल्म ‘द वॉलेट’ से किया अपने निर्देशन करियर का डेब्यू कोरोना वायरस के कारण फायदे में हैं ओटीटी प्लेटफार्म ए बी सी डी चैंपियनशिप से लेकर ए बी सी डी 2 की जर्नी बहुत ही अमेजिंग रही - मोहन पांडे केशव मल्होत्रा म्यूजिक चार्ट्स टॉप करेंगे अपने नए सिंगल 'ज़िद्दी ईगो' के साथ कोरोना वायरस के खतरे के कारण 4th एक्सपेंडेबल्स अवार्ड्स 2020 को अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित कर दिया गया नुक्सान की भरपाई के लिए अन्नदाता का खुद चौकस रहना भी जरुरी -डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान भारत और विदेशों में म्यूजिक औ रएंटरटेनमेंट की पुरानी परंपरा को जिंदा रखते हैं संजय मोरे देव शर्मा और स्मृति कश्यप अभिनीत फिल्म आ भी जा ओ पिया का पहला पोस्टर रिलीज़ हुआ हरटेक सोलर ने दशमेश डेंटल कालेज में लगाया 600 किलोवाट का रूफ टॉप प्लांट विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा पंजाबी भाषा में जवाब दिये जाने का स्वागत – सुनील वशिष्ट टिक-टॉक सेंसेशन शिरकिश कंटेंट और एंटरटेनमेंट का रेयर कांम्बिनेशन है
Copyright © 2016 AbhitakNews.com, A Venture of Lakshya Enterprises. All rights reserved.
Website Designed by Mozart Infotech