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आजकल लोगों के पास एक-दूसरे के लिए समय नहीं है- सोहराब खंडेलवाल

November 09, 2019 08:39 PM

एक्टर और फिल्ममेकर सोहराब खंडेलवाल, अपनी अपकमिंग फिल्म "क्यू सेरा सेरा" की रिलीज के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि आजकल, लोगों के पास एक-दूसरे के लिए समय नहीं है और यही कारण है कि वह लोगों के रिलेशनशिप पर आधारित एक फिल्म बनाना चाहते थे।

 

सोहराब खंडेलवाल मुंबई में सोमवार को अपनी अपकमिंग फिल्म 'क्यू सेरा सेरा' को प्रमोट करने के लिए मीडिया के साथ बातचीत कर रहे थे।

 

अपनी अपकमिंग फिल्म के बारे में बात करते हुए, सोहराब ने कहा, "फिल्म का टाइटल 'क्यू सेरा सेरा' है और यह 90 मिनट की इंग्लिश लैग्वेज में एक इंडिपेंडेंट फिल्म है। यह बहुत ही रोमांचक फिल्म है। यह कहानी दुनिया के अलग-अलग जगहों के दो अजनबियों के मुंबई में उनके आखिरी दिन में एक दूसरे से मिलने के बारे में है। मैं अभी इस फिल्म के डिटेल्स में नहीं जाना चाहता। इस फिल्म को बनाने का आइडिया यह है कि आजकल जीवन इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है कि लोगों के पास एक-दूसरे के लिए समय नहीं है। शायद ही हमारे पास कभी लोगों के साथ बैठने और एक-दूसरे को सुनने का समय है।”

 

सोहराब ने कहा, "हर किसी की लाइफ में कुछ ना कुछ हमेशा चलता रहता है, लेकिन हम अपने मन की बातों को किसी और के साथ शेयर नहीं करते हैं। तो यह कहानी इस बारे में है कि दो लोग एक-दूसरे की बातों को किस तरह सुनते हैं।"

 

"आज के समय में टेक्नोलोजी की वजह से हमारे परिवार और दोस्तों के पास समय नहीं है। मैंने देखा है कि कई लोग कैफे और सोशल इवेंट्स में एक दूसरे से मिलते हैं और अपना अधिकतर समय वो मोबाइल फोन पर ही बिताते है, और इसी वजह से वो अपने लोगों के साथ समय नहीं बिता पाते हैं। मैं यह जानने के लिए एक्साइटेड हूं कि जब मेरी फिल्म रिलीज होगी तो ऑडियंस का क्या रिएक्शन होगा और वो क्या फील करेंगे। मुझे यकीन है कि ऑडियंस को इस फिल्म में कुछ ऐसा मिलेगा जिसे वो अपनी लाइफ से रिलेट कर पाएंगे।"

 

सोहराब ने फिल्म की कहानी को लिखने के बारे में बात करते हुए कहा, “मुझे कहानियां सुनाना पसंद है। दूसरों को खुश देखकर मुझे भी खुशी महसूस होती है, शायद यह फिल्म कई चेहरों पर मुस्कान लाए और साथ ही लोगों के जीवन में पॉजिटिविटी भी लेकर आएं। मैंने बहुत छोटी ही ऐज में कहानियाँ लिखना शुरू किया था और ऐसा इसलिए था क्योंकि मेरे पिता ट्रांसफ़रेबल नौकरी में थे। वह इंडियन एयरफोर्स में थे, इसलिए हम बहुत ट्रवल करते थे। मैंने 16 अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाई की है। इसलिए उस समय मेरे बहुत सारे दोस्त हुआ करते थे, लेकिन साथ ही बहुत सारे दोस्त बिछड़ भी रहे थे क्योंकि उस समय, दोस्तों के साथ संपर्क में रहने के लिए सोशल मीडिया नहीं हुआ करता था। उन्हें मेरे साथ रखने के लिए केवल कहानियाँ हुआ करती थीं। मैं बहुत सारी किताबें भी पढ़ रहा था, और फिल्में भी देख रहा था। मुझे लगता था कि मैं जैसे-जैसे बड़ा हो रहा हूं, मैं कहानियों की ताकत को भी समझ रहा था। मैंने 10 साल की उम्र में थिएटर करना शुरू कर दिया था और फिर कॉलेज में प्ले लिखना और डायरेक्ट करना शुरू कर दिया था। लेकिन मैं हमेशा से फिल्में करना चाहता था क्योंकि मैं अपनी कहानियों को अधिक से अधिक ऑडियंस तक पहुंचाना चाहता था। और आज मैं एक एक्टर और फिल्ममेकर हूं।”

 

इंग्लिश लैग्वेज में फिल्म बनाने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “आजकल, इंडिया के यूथ बहुत ट्रवलिंग कर रहे हैं। वे नेटफ्लिक्स, अमेज़ॅन और तरह तरह के फिल्म फेस्टिवल में फिल्मों में बहुत अधिक कंटेंट देख रहे हैं, इसलिए उनकी मानसिकता पहले से अधिक विकसित हो गई , इसलिए, मुझे लगा कि वे इंग्लिश समझेंगे। इस कहानी में भी, जो फीमेल लीड है वह एक फॉरेनर है जो हिंदी नहीं बोल सकती है। इसलिए इंग्लिश में फिल्म बनाना मुझे सही लगा। मैंने इंग्लिश में बहुत सारी लिट्रेचर पढ़ी है और जब मैं फिल्म लिख रहा था तो यह  स्वाभाविक तौर से इंग्लिश में लिखना मुझे सही लगा। यह फिल्म ग्लोबल ऑडियंस के लिए है क्योंकि हम सभी समान भावनाओं से गुजर रहे हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता कि हम कहां से हैं। इंग्लिश मदद करती है।"

 

सोहराब ने फिल्म का नाम "क्यू सेरा सेरा" रखने के बारे में बात करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि फिल्म का नाम फिल्म के सब्जेक्ट के साथ मिलता जुलता है। जिंदगी चल रही है, और हम नहीं जानते कि अगले मिनट क्या होगा, जो भी होगा, होगा। 'क्यू सेरा सेरा' टाइटल के एक सॉन्ग को डोरिस डे (अमेरिकी एक्ट्रेस और सिंगर) ने गाया था। और हमारे पास फिल्म 'पुकार' में 'के सेरा सेरा' नाम का एक फेमस सॉन्ग भी था जिसे प्रभु देवा और माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया था। यह टाइटल, जो कुछ भी होने जा रहा है उसके बारे में भी बात करता है, तो यह एक फेमस टाइटल है। इसलिए, मैंने सोचा कि यह मेरी फिल्म के लिए एकदम सही टाइटल है।”

 

‘क्यू सेरा सेरा’ की कहानी को सोहराब खंडेलवाल ने लिखा है, उन्होंने ने इसे डायरेक्ट भी किया है। जबकि समर प्रताप को-डायरेक्टर है। और इसे इमेजिन फिल्म्स द्वारा प्रोड्यूस किया जा रहा है। 

 

इसमें सोहराब खंडेलवाल और नीरा सुआरेज़ भी मुख्य भूमिका में हैं।

 

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