Monday, 25 June, 2018
ब्रेकिंग न्यूज़ :
बचपन को लीलता होमवर्क का बोझ - ललित गर्गमलमास के कारण विवाह व मांगलिक कार्य रहेंगे 16 मई से 13 जून तक बंद मोहाली आईटी हब के तौर पर होगा विकसित, स्पेशल टास्क फोर्स तैयार करेगी रोड मैप - सिंगलापंजाब सरकार विपक्षी दलों की आलोचना का जवाब चुनावी वायदे पूरे करके दे रही - आशुरिकवरी करने में लापरवाही करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी-सुखजिन्दर सिंह रंधावापंजाब सरकार डेयरी उद्योग के लिए नौजवानों को 25 से 33 प्रतिशत देगी सब्सिडी- बलबीर सिद्धूआवास के अनुरूप शेष राशि जमा करें हज यात्रीगलत ढंग से पंचायती जमीन की गिरदावरी करवाने पर प्राईवेट बिल्डर के खिलाफ मामला दर्जमुख्यमंत्री ने पीजीआई जाकर कसौली गोलीकांड में घायल गुलाब सिंह का हाल पूछाहरियाणा सरकार का उद्देश्य प्रदेश की संस्कृति और कला को विश्वपटल पर पहचान देना है – कविता जैन
चंडीगढ़ न्यूज़

युद्ध, आतंकवाद का समाधान है भारतीय ज्ञान : आचार्य देवव्रत

November 28, 2016 04:57 PM

चंडीगढ़ - हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विश्व में फैले आतंकवाद युद्ध और हिंसा का समाधान है। यह दर्शन किसी एक व्यक्ति, क्षेत्र या संप्रदाय के बारे में न सोच कर पूरी सृष्टि की चिंता करता है। इसलिए इस विचार में सभी लोगों का सुख निहित है। आचार्य देवव्रत चंडीगढ़ के सेक्टर 37 स्थित लॉ भवन में पंचनद शोध संस्थान के वार्षिक व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे।

इस दौरान उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा का विषद वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा के कारण ही संभव हो सका कि यहां के मनीषियों ने सृष्टि की उत्पत्ति संबंधी सटीक गणना की है। ऐसी गणना जो आधुनिक वैज्ञानिकों से भी ज्यादा प्रामाणिक है। उन्होंने कहा कि सृष्टि की रचना के साथ ही भारत ने ज्ञान अर्जन का काम शुरू कर दिया था, जो आज तक निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा ही है कि एक सड़क किनारे बोरी पर बैठा सामान्य ज्योतिषी भी दशकों बाद लगने वाले सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण की प्रामाणिक जानकारी दे देता है।

इस मौके पर आचार्य देवव्रत ने धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि हम जैसा व्यवहार अपने लिए चाहते हैं वैसा ही दूसरों के प्रति करें, यही धर्म है। उन्होंने कहां की भारतीय दर्शन के मूल बिंदु अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का पालन करने से जीवन में संतुलित और सर्वांगीण विकास को हासिल किया जा सकता है।

इस मौके पर पंचनद शोध संस्थान के मार्गदर्शक एवं देश के जाने-माने शिक्षाविद दीनानाथ बत्रा ने कहा कि देश में भारत का गौरव बढ़ाने वाली शिक्षा व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक षड्यंत्र के तहत पश्चिम विद्वान मैक्समूलर, लार्ड मैकाले और कार्ल मार्क्स ने यहां की शिक्षा प्रणाली को दूषित किया है। उन्होंने कहा कि मैक्समूलर को तो वेदों के अर्थ का अनर्थ करने के लिए प्रति पृष्ठ 5 पाउण्ड मेहनताना मिलता था। श्री बत्रा ने सभागार में मौजूद श्रोताओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा में सुधार के लिए अपनी आवाज बुलंद करें।

Have something to say? Post your comment
और चंडीगढ़ न्यूज़
ताजा न्यूज़
दिल्ली 47 किमी, में शादाब खान के साथ काम करना सच में शानदार अनुभव था - नीती यादव नई शैली के साथ एक्सपेरिमेंट करना चाहुगी – अनन्दिता दासगुप्ता श्वेता चौधरी को टाइटल मिसेज़ अर्थ पीपल चॉइस - क्वीन ऑफ़ क्वींस और मिस यूनिवर्स से नवाज़ा हांगकांग सरकार के गणमान्य व्यक्तियों और सर्जन ग्रुप द्वारा सम्मानित होना मेरे लिए गर्व की बात हैं - मलाइका अरोरा बिग बॊस 11 के एकैश का मस्ती भरा गाना जल्द होगा लॊन्च निहारिका रायजादा ने अपनी फ्रेंच फिल्म के लिए किया फोटोशूट श्री श्री रवि शंकर के हाथों हुआ मीरा उपादया की किताब ‘यू आर इन क्यू' ‘ का विमोचन ‘देल्ही 47 किमी’ के डायरेक्टर शादाब खान का फ्यूचर शानदार होगा – अनीस बज्मी अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर आकाश गोइला की अगली फ़िल्म में दिखेंगी एक्स मिस इंडिया पूजा चोपड़ा 'डीआईडी' स्टार पॉलसन ने स्माइल फ़ाउंडेशन के बच्चों के चेहरों पर हंसी लाने के लिए नहीं छोड़ी कोई कसर अनंदिता दासगुप्ता कर रही हैं अपना बॉलीवुड प्री-प्रोडक्शन डेब्यू बचपन को लीलता होमवर्क का बोझ - ललित गर्ग
Copyright © 2016 AbhitakNews.com, A Venture of Lakshya Enterprises. All rights reserved.
Website Designed by Mozart Infotech